एकांत

एकांत बुरा नही है, एकांत तो साथी है। बड़े से बग़ीचे में बैठें भवरों को निहारने का सुख है एकांत। तालाबों में कंकड़ मारते हुए डूबकर उस पार को जाना…

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मैं शायर कैसे बना?

इश्क़ का रंग ज्यों चढ़कर उतर गया मेरे दिल से होकर जहन में भर गया मेरा रोम रोम जब प्रफुल्लित हो गया त्यों मैं शायर बन गया।। जब राजनीति का…

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