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सावन

सावन

देखो सावन आयामस्त संग बादल लायाबरखा गिरीबिजली ने खूब सुर ताल लगायादेखो सावन आयारूठे मौसम को पंख लगीसनसन सन हवा…

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तुम्हारे जाने के बाद

वो एक हंसीजो तुम सँग हंसी थीतुम्हारे जाने के बादफिर वैसा कभी हंस नहीं पाई वो एक ख़्वाब जोतुम्हारे कंधे पेसर रख के देखा थावो ख़्वाब फिर कभीआंखों की राह…

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सावन

देखो सावन आयामस्त संग बादल लायाबरखा गिरीबिजली ने खूब सुर ताल लगायादेखो सावन आयारूठे मौसम को पंख लगीसनसन सन हवा चलीये सिहरन तेरी आहट तो नहीं,उम्मीदों का बौछार है लायादेखो…

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