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आहट

सुनो !!
आहट तो सुनो ज़रा,
कोई दस्तक़ दे रहा है !!

मेरे इस सूने घर में
कोई खलल डाल रहा है,
मेरी आंतरिकता में स्थित
मेरी मस्तिष्क की गहराइयों में
जरा गौर से सुनो,

किसी की दबिश सुनाई दे रही है तुम्हे
अपने ह्रदय के नयन पटलों को खोलों
और अपने चक्षु को केंद्रित करो
तुम देखोगे, किसी की दस्तक को
महसूस करोगे, उस आहट को

जो मुझे तुमसे दूर किये जाने के लिए आई थी।

– पंकज कसरादे