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ख़्वाब से हक़ीक़त तक

ख़्वाब से हक़ीक़त तक

इस कहानी में,
पहले मैं थी, तुम थे..
अब हैं हम
तुम 6 फ़ीट के, मैं कंधे से भी कम,
मैं चाय की शौक़ीन हूं तुम शेक पसंद,
मैं चीज़- चीनी कम और तुम केक पसंद
सुनो…
खाना खा लिया? से लेकर..खाना लगा दिया है
कब उठे? से लेकर..अब उठ जाओ बहुत हुआ
DP अच्छी है से लेकर..कॉलर ठीक कर लो
तुम्हारी आवाज़ नहीं आ रही से लेकर..एक मिनट के लिए इधर तो आओ
कैसे हैं आप से लेकर..पागल हो तुम
…तक का सफ़र तुम्हारे और सिर्फ़ तुम्हारे साथ तय करना चाहती हूं!

  • अनुजा विद्या श्रीवास्तव

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