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सावन

सावन

देखो सावन आया
मस्त संग बादल लाया
बरखा गिरी
बिजली ने खूब सुर ताल लगाया
देखो सावन आया
रूठे मौसम को पंख लगी
सनसन सन हवा चली
ये सिहरन तेरी आहट तो नहीं,
उम्मीदों का बौछार है लाया
देखो सावन आया
कहीं गुलाबी जग हुआ
तो कहीं गुलाबी चेहरा
अबकी बार हमारे मिलन पर न हो कहीं कोई भी पहरा
पपीहे भी लगा रही गुहार
सुमनों पर आ गई बहार
है कोई खुमार सा छाया
देखो सावन आया
देखो सावन आया ……!

  • स्मृति किरण

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