Content मोहल्ला

II अपनी भाषा , अपना मंच II

Page 2 of 42

मुक्तक

खनक के शोर में खुद का कभी सानी नहीं बेचा सुरों की चाशनी में लफ्ज़ का मानी नहीं बेचा कठिन इस दौर में जब गर्व का कारण ही बिकना हो वहां हमने अभी तक आँख का पानी नहीं बेचा –… Continue Reading →

आख़िरी सेमेस्टर

आखिरी सेमेस्टर में वे समझने लगते हैं उस रोटी का मतलब जिसे पहले सेमेस्टर में बनाते बनाते दुहरा ली थी पूरी ज्यामिति आखिरी सेमेस्टर में वे समझने लगते है मुम्बई दिल्ली जाने का मतलब हालांकि इससे पहले भी वे जाते… Continue Reading →

ज़िंदगी का सफ़र

हिस्से भी बहुत हैं किस्से भी बहुत हैं इन साँसों के सफ़र की कहानियाँ भी बहुत हैं कभी किसी से प्रेम है तो कभी किसी से ईर्ष्या है कभी मन प्रसन्न है तो कभी मन उदास है कभी रिश्तों में… Continue Reading →

नया-पुराना घर

यहाँ वाश-बेसिन लगी हुई है यहाँ हाथ धोने के साथ पाँव धोना बिल्कुल ज़रूरी नहीं है,जैसे कि पुराने घर में नल के नीचे था यह बिल्कुल नये प्रेम की तरह है जहाँ सरलता तो है किंतु पुराने प्रेम की तरह… Continue Reading →

वह महिला

सहसा ही नजर पड़ी पत्थर तोड़ती एक महिला पर फ़टे वस्त्र , सिकुड़ता देह विचलित मन थकी थकी सी आंखे मानो तक रही हो राह कि आए और उनको ले जाए शायद उसका बेटा हो ना हो वही होगा जिसका… Continue Reading →

ज़रूरी है

नदी के उस पार अब पहुंचना है बहुत जरूरी डर तो लगता,जिसे जीतकर तैरना है जरूरी नादान परिंदों की तरह मन घूमता रहता रात दिन अंत में मगर कभी न कभी घोंसले ढूँढना है जरूरी कब तक खामोशी की हाथ… Continue Reading →

ख़ामोश आंखे

दर्द में डूबी खामोश आंखे ठहर ठहर कर चलती सांसे घटती रहती  घटनाएं मासूम रक्त को बहाए खूंखार दिलो को फिर भी शर्म न आए कुछ न करे कोई कुछ न बोले कोई सहते जाए मरते जाए आवाज़ एक उठे… Continue Reading →

आँखों में मशाल

अपनी बेटी को सिखा रहा हूँ आँख मारना जिससे वो एक झटके में ही ध्वस्त कर दे उसे घेरने वाली मर्दवादी किलेबंदी उसे सिखा रहा हूँ आँखें मटकाना कि वो देख सके तीन सौ साठ डिग्री और भेद सके चक्रव्यूह… Continue Reading →

औकात

वो क्या था? ..अचानक से हमारे मन में ये सवाल कौंधा। एक धीमी सी सरसराहट होती मानो कोई धीरे-धीरे हमारे करीब आ रहा हो। मन में अजीब सी बेचैनी और उत्सुकता थी। सच कहूं तो हम डरे हुए थे। हां..ये… Continue Reading →

« Older posts Newer posts »

© 2019 Content मोहल्ला — Powered by The Sociyo

Up ↑